Kota- 5 साल की उम्र से ही लोगों को दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर करती मशहूर जादूगर आंचल सामाजिक बुराइयों को लेकर भी पूरी तरह से गंभीर है, वह देश की एकता का संदेश भी देती है, जादूगर आंचल ने पिछले 25 सालों में भारत के 17 राज्यों एवं दुनिया के साथ अन्य देशों में 13500 से भी ज्यादा स्टेज शो देकर लाखों लोगों का मनोरंजन किया है, जोधपुर की युवा जादूगर 5 साल की थी तब से वह अपने पिताजी के साथ जादू दिखाया करती थी, जादूगर आंचल ने कहा कि पहले रेडियो, टीवी, सिनेमा घर और मोबाइल और अब न जाने कितने प्लेटफार्म मनोरंजन के साधन बन चुके हैं, एक समय था जब मनोरंजन के साधन सीमित हुआ करते थे, गांव के मेले रामलीला और जादूगर का शो मनोरंजन का साधन हुआ करता था, जादूगर आंचल का कहना है कि जादू की कला को बचाने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए
जादूगर आंचल अपने जादू से मन को पढ़ने और उसे कागज पर लिखकर दर्शकों को बताती है, जिसे देखने रहस्यमय और लाजवाब होता है
बाजोर गांव की बेटी आंचल ने जादुई कला से भारत सहित पूरी दुनिया में अपनी जादू की कला का मंचन किया है, उनकी प्रस्तुति देख अमेरिका से प्रकाशित जादुई दुनिया की विश्व स्तरीय मैगजीन ‘वीनस’ ने उन्हें कवर पेज पर स्थान दिया है, 90 पेज की इस मैगजीन के जनवरी अंक में 8 पेज में छपी आंचल की सफलता की कहानी को विश्व स्तर पर जादूगरों के लिए प्रेरणादायक बताया गया हैं
इस समय जादूगर आंचल कोटा में अपनी जादूगरी का एक से बढ़कर एक अद्भुत जादू के कारनामे दिखाकर लोगों को इस कला के बारे में सोचने पर विवश कर दिया है कोटा में जादूगर आंचल के रोज दो शो नयापुरा स्थित मयूर सिनेमा में होते है




