भारत सिंह चौहान
कोटा,। निदेशक जनगणना कार्य विष्णु चरण मल्लिक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित जनगणना कार्य की प्रगति, डेटा की गुणवत्ता, सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल, प्रमुख जनगणना अधिकारी नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) विजय मल्होत्रा,उप जनगणना अधिकारी, संयुक्त निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग वेद प्रकाश चौधरी, नगर निगम के समस्त उपायुक्त, लाडपुरा तहसीलदार राजवीर सिंह यादव सहित जनगणना से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
घरेलू सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में जनगणना के दौरान संकलित किए जा रहे घरेलू सुविधाओं से जुड़े आंकड़ों की गुणवत्ता एवं तथ्यात्मकता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शौचालय की सुलभता, प्रकाश की उपलब्धता, खाना बनाने के मुख्य स्रोत तथा पेयजल के मुख्य स्रोत से संबंधित जानकारी वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही दर्ज की जाए।
प्रकाश व्यवस्था से संबंधित जानकारी दर्ज करते समय यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि यदि किसी परिवार द्वारा सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) का उपयोग किया जा रहा है तो संबंधित कॉलम में सोलर ऊर्जा का ही विवरण भरा जाए। इसी प्रकार खाना बनाने के मुख्य स्रोत के अंतर्गत एलपीजी, पीएनजी अथवा अन्य उपयोग में लिए जा रहे ईंधन की सही जानकारी दर्ज की जाए।
पेयजल के मुख्य स्रोत से संबंधित आंकड़े भरते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि नल, तालाब, नदी, टांका अथवा अन्य स्रोतों से पानी प्राप्त करने की स्थिति में वास्तविक जानकारी ही दर्ज की जाए। प्रगणक यह सुनिश्चित करें कि दर्ज किया गया उत्तर वास्तविक परिस्थिति को प्रदर्शित करे तथा तथ्यात्मक रूप से सही हो।
शौचालय संबंधी जानकारी दर्ज करते समय “सर्विस शौचालय’’ के बिंदु पर वास्तविक स्थिति की पुष्टि कर ही संबंधित जानकारी दर्ज की जाए। प्रगणक आंकड़े भरते समय तथ्यात्मकता एवं सावधानी बनाए रखें।
लॉक्ड एवं खाली मकानों के चिन्हांकन पर विशेष चर्चा
बैठक में सेंसस मॉनिटरिंग मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) की समीक्षा करते हुए लॉक्ड (बंद) एवं खाली मकानों के चिन्हांकन की प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि किसी मकान को खाली दर्ज करने से पूर्व अड़ोस-पड़ोस से तथ्यात्मक पुष्टि की जाती है कि संबंधित मकान वास्तव में खाली है। विशेष रूप से बहुमंजिला भवनों में जहां अब तक आवंटन नहीं हुआ हो अथवा मकान खाली हों, वहां खाली मकान का विकल्प दर्ज किया जाएगा।
साथ ही निर्देश दिए गए कि लॉक्ड मकानों के मामलों में पुनः-पुनः भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित परिवारों तक पहुंच बनाकर जनगणना कार्य पूर्ण कराया जाए। बैठक में बताया गया कि कोटा जिले में जनगणना कार्य की प्रगति एवं गति सराहनीय है तथा संभावना है कि 14 जून से पूर्व जनगणना कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
स्वगणना सत्यापन पर चर्चा
बैठक में स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के सत्यापन एवं आईडी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। निदेशक जनगणना कार्य विष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि कई बार स्वगणना करते समय लोग अपने घर की सटीक जीपीएस लोकेशन दर्ज नहीं करते, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बहुमंजिला परिसरों में कई बार निवासी अपने वास्तविक आवास की बजाय केवल परिसर के मुख्य द्वार तक की लोकेशन दर्ज कर देते हैं। ऐसी स्थिति में स्वगणना के वेरिफिकेशन के दौरान वास्तविक मकान की पहचान एवं पुष्टि में व्यावहारिक समस्याएं सामने आ सकती हैं।
बैठक के अंत में संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने निदेशक जनगणना कार्य अधिकारी को आश्वस्त किया कि कोटा जिले में जनगणना कार्य को त्रुटिरहित, गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यात्मक रूप से पूर्ण करने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा प्रत्येक प्रपत्र में सही जानकारी एवं सही उत्तर ही दर्ज किए जाएंगे। बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने कहा कि जनगणना कार्य में मानवीय त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि किसी प्रगणक अथवा सुपरवाइजर द्वारा लापरवाही बरती जाती है अथवा कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रविष्टि में सही जानकारी, सही उत्तर एवं तथ्यात्मक विवरण दर्ज करना सुनिश्चित करें तथा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ संपादित की जाए, जिससे जनगणना कार्य त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से सम्पन्न हो सके।
वसंत विहार एवं रंगपुर क्षेत्र में सुपरवाइजर्स से संवाद, मैदानी स्तर पर लिया फीडबैक
निदेशक जनगणना कार्य विष्णु चरण मल्लिक ने वसंत विहार एव रंगपुर क्षेत्र का दौरा कर सुपरवाइजर्स एवं जनगणना कार्मिकों से संवाद किया तथा फील्ड स्तर पर संचालित जनगणना कार्य की प्रगति, चुनौतियों एवं सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मैदानी अनुभवों की जानकारी लेते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने स्थानीय क्षेत्र में घर-घर पहुंचकर जनगणना कार्य का अवलोकन किया तथा आमजन से सीधे संवाद कर जनगणना प्रक्रिया, प्रगणकों के कार्य एवं आंकड़ों की शुद्धता को लेकर फीडबैक प्राप्त किया, जो संतोषजनक पाया गया।
















