Thursday, June 4, 2026
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रुक्मणी-विवाह और रास पंचाध्यायी की कथा सुन भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु, राधा-कृष्ण झांकी ने मोहा मन

-रामावतार राठौर

सवाई माधोपुर। जिला सवाई माधोपुर के नींदड़दा गांव, सुरवाल के पास आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक रस में सराबोर हो गए। कथा वाचक आचार्य पुष्पेन्द्र भैया जी कुण्डेरा वालों ने यज्ञपत्नी उद्धार, ब्राह्मण पत्नियों पर भगवान की कृपा, रास पंचाध्यायी, भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन एवं कंस वध सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा के दौरान आचार्य श्री ने वसुदेव-देवकी की कारागृह से मुक्ति, विद्या अध्ययन के लिए भगवान श्रीकृष्ण के अवंतिका पुरी प्रस्थान, गोपी-उद्धव संवाद तथा भगवान के द्वारका गमन की कथाएं सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

शाम की बेला में भगवान द्वारकाधीश एवं माता रुक्मणी के दिव्य विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। कथा स्थल पर उपस्थित माता-बहनों ने भजनों का आनंद लेते हुए भगवान के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर पंडित नवल शास्त्री जी द्वारा राधा-कृष्ण की आकर्षक सजीव झांकी सजाई गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दर्शन कर भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

नींदड़दा गांव में आयोजित कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए प्रभु स्मरण किया। आचार्य पुष्पेन्द्र भैया जी ने कहा कि प्रभु की सेवा में अपना तन-मन अर्पित कर देना ही सबसे बड़ी भक्ति और शक्ति है। उन्होंने बताया कि राम और कृष्ण नाम का निरंतर जाप ही ईश्वर प्राप्ति का सरल एवं श्रेष्ठ मार्ग है।

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से प्रभु का स्मरण करते हुए धर्म, संस्कार और सत्कर्मों के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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