Wednesday, June 17, 2026
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कोटा की प्रो. डॉ. अनुकृति शर्मा ने प्रस्तुत किया खेल आधारित आर्थिक विकास का रोडमैप

-भारत सिंह चौहान

 

कोटा/हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित उत्तराखंड स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव-2026 में खेल आधारित आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसरों पर व्यापक विमर्श हुआ। गैलापार स्थित आईजी खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ कुलपति प्रो. अमित सिंहा ने किया।कुलपति ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में खेल हब परियोजना क्रियान्वित की जा रही है तथा विश्वविद्यालय में जुलाई से प्रवेश एवं अगस्त से पाठ्यक्रम आरंभ होंगे।

कोटा विश्वविद्यालय की प्रस्तुति रही केंद्र में

कॉन्क्लेव में कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. अनुकृति शर्मा द्वारा ‘स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फॉर स्पोर्ट्स-लेड इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड यूथ जॉब अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तराखंड’ विषय पर दी गई प्रस्तुति विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तराखंड अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विशेषताओं के कारण देश का अग्रणी स्पोर्ट्स इकोनॉमी हब बनने की अपार क्षमता रखता है।

डॉ. शर्मा ने रेखांकित किया कि हिमालयी क्षेत्र साहसिक, शीतकालीन एवं पर्वतीय खेलों के लिए विश्वस्तरीय संभावनाएं प्रदान करता है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य की खेल अधोसंरचना सुदृढ़ हुई है, जबकि ऋषिकेश और हरिद्वार योग एवं वेलनेस पर्यटन में वैश्विक पहचान अर्जित कर चुके हैं।

स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में हों नए पाठ्यक्रम — सुझाव

प्रो.अनुकृति शर्मा ने प्रस्तुति में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट को खेल संगठनों, प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों एवं खेल व्यवसाय के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा बहुआयामी अनुशासन बताया गया। डॉ. शर्मा ने स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया, जिससे खेल आयोजन प्रबंधक, स्पोर्ट्स मार्केटिंग विशेषज्ञ, खेल विश्लेषक, स्टेडियम प्रबंधक, खेल पत्रकार एवं एडवेंचर टूरिज्म प्रबंधक जैसे व्यवसायों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

उन्होंने स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना पर भी बल दिया, जहाँ युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर सुलभ हो सकें। खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल विकास कोष, स्टार्टअप इंडिया तथा उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को इस दिशा में सहायक बताया गया।

विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. रशिका सिद्दीकी ने जानकारी दी कि खेल विश्वविद्यालय एवं फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) के मध्य एक महत्त्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ है, जिसके अंतर्गत दोनों संस्थानों के छात्र परस्पर खेल संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।

कार्यक्रम में एनएसीआईटी के सलाहकार डॉ. अरुण कुमार, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंहा, अभिषेक इस्तार, गौतम विर्क तथा डी टाउन रोबोटिक्स के अविनाश चंद पाल ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

 

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