जितेंद्र कुमार शर्मा
बारां । विश्व पर्यावरण दिवस पर कोटा स्मृतिवन हैप्पीनेस सोसाइटी द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां के संरक्षक बृजेश विजयवर्गीय,यज्ञदत्त हाडा ने राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से शाहबाद की सुरम्य घाटियों का वैभव बरकरार रखे जाने और हाइड्रो पावर प्लांट को अन्यत्र स्थापित किए जाने की मांग की । बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि ” सरकार की वृक्ष कुंज योजना के अनुसार वृक्ष बचाना वृक्ष लगाने के बराबर है। संत निरंजन नाथ अवधूत ने कहा कि ये दिवस सनातन संस्कृति के खिलाफ षड्यंत्र है। हरियाली तीज ही हमारे यहां पर्यावरण का बड़ा महोत्सव है। अंग्रेजी सोच के कारण ही मदर्स डे, फादर्स डे, टीचर्स डे मनाएं जाते हैं। हमारे यहां तो गुरु पूर्णिमा की परम्परा है। संत निरंजन नाथ ने कहा कि भारत में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में स्मृति वन हेप्पीनेस सोसायटी के तत्वावधान में अध्यक्ष राजेंद्र गंभीर की पहल पर अनंतपुरा में कर्णेश्वर मार्ग पर स्मृति वन फेज -3सामुहिक पौधा रोपण कर शुरुआत की।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए ऊर्जा बचत तथा पेट्रोल डीजल की बचत के प्रधानमंत्री मंत्री की अपील को अपनाने का आव्हान किया। सरकार विकास के साथ पर्यावरण को भी ध्यान में रखेगी।
आयोजित विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत उनके द्वारा विकसित किए जाने वाले स्मृति वन के विशाल क्षेत्र में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कोटा के प्रबुद्ध जनों , चम्बल संसद, स्मृति वन सलाहकार समिति, कोटा फन राईडर, केईएसएस समाज सेवी संस्थाओं, संतो और पर्यावरण को समर्पित संगठन के पदाधिकारीयों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उत्साह , उमंग और हर्षोल्लास के साथ किया ।
, महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती ने कहा कि सरकार पेड़ काटने की सोचने से पहले लगा कर बताएं। उन्होंने शाहबाद समेत देश भर के जंगलों की कटाई को चिंताजनक बताया राजस्थान सरकार से पर्यावरण बचाने की अपील की। कौशिक गायत्री परिवार बोरखेड़ा आश्रम के संचालक यज्ञदत्त हाडा ने शाहबाद जंगल आंदोलन को पर्यावरण के हित में बताते हुए प्लांट को अन्यत्र लगाने की मांग की।इस अवसर पर पर्यावरणविद् बृजेश विजयवर्गीय ने वन विभाग को जवाबदेह बनाने की मांग की और जंगल बचाओ मां के नाम पर सरकार से काम करने का आग्रह किया। विजयवर्गीय ने मंत्री नागर से अनुरोध किया कि वन विभाग के सहयोग के अभाव में वनों का संरक्षण जटिल होता जा रहा है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
चंडीगढ़ से पधारे संत गोविंदाचार्य ने भी पर्यावरण को बचाना सनातन संस्कृति का हिस्सा बताया कहा कि विकास वही सार्थक है जो वनों को बचा कर रखें। समाजसेवी राजेंद्र गंभीर की पहल पर अनंतपुरा स्मृति वन में पौधा रोपण की बड़ी योजना पर काम शुरू हो चुका है।
स्वयंसेवी संस्थाओं , एनडीआरएफ ने पर्यावरण की महता और आवश्यकता पर अपने विचार और सुझाव बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के समक्ष रखें और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का आह्वान कर उनका समयबद्ध रखरखाव व संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया ।सभा समाप्ति पश्चात प्रसिद्ध समाज सेवी जी डी पटेल , ने उपस्थित जन समूह का आभार प्रकट किया । इस अवसर पर अनंतपुरा स्मृति वन समिति की, गीता दाधीच, संरक्षक जीडी पटेल,राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के गिरिराज गुप्ता, सुभाष कला संगम के कलाकार,सोसायटी की दीप्ति अरोड़ा, संसद की अनिता चौहान सुधा पटेल आदि ने कोटा के निकट इस वन भूमि को संरक्षित करने की सरकार से सहयोग की अपील की। इस मौके पर सैकड़ों स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे ।






