कोटा/वैष्णव अग्रवाल मोमीयान पंचायत के तत्वावधान में भगवान नृसिंह की जयंती 30 अप्रैल को रामपुरा स्थित गांधी चौक में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए संस्था पदाधिकारियों ने कार्यक्रम पोस्टर का विमोचन किया।
संस्था अध्यक्ष चेतन मित्तल और महामंत्री महेंद्र मित्तल ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान नृसिंह के स्वरूप द्वारा अधर्म के प्रतीक हिरण्यकश्यप के 25 फीट ऊंचे पुतले का वध किया जाएगा, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
आस्था और विश्वास का संगम
कार्यक्रम संयोजक गिर्राज मित्तल के अनुसार, पुतला वध के बाद माताएं अपने बच्चों को भगवान नृसिंह के स्वरूप की गोद में रखकर आशीर्वाद दिलाती हैं। मान्यता है कि इससे बच्चों को भय से मुक्ति और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं को ठंडाई और प्रसाद वितरित किया जाएगा।
आकर्षक झांकियां और प्राकट्य उत्सव
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत नृसिंह धर्मशाला में सजीव झांकियों के दर्शन से होगी। इनमें राम दरबार, शिव परिवार, संकटमोचन हनुमान और भक्त प्रह्लाद की मनमोहक झांकियां शामिल रहेंगी। इसके बाद भगवान नृसिंह के प्राकट्य उत्सव, पुतला वध और विभिन्न धार्मिक प्रस्तुतियां होंगी। मुख्य समारोह सायं 6:45 बजे महाआरती और आतिशबाजी के साथ संपन्न होगा।
128 वर्षों की गौरवशाली विरासत
सचिव महेंद्र मित्तल ने बताया कि यह परंपरा पिछले 128 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। वर्ष 1905 में रियासत काल में गांधी चौक पर स्थान मिलने के बाद से यह आयोजन यहीं भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालु पुतले की लकड़ी और कागज घर ले जाकर सुख-शांति की कामना करते हैं।
















