कोटा। गीता भवन, कोटा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ विश्राम हुआ। उज्जैन से पधारीं अंतर्राष्ट्रीय भागवताचार्य परम पूज्य दीदी श्रीजी ने सुदामा चरित्र और पूर्णाहूति के प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कथा के अंतिम दिन समाज और राजनीति की प्रमुख विभूतियों ने शिरकत की। आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथियों का माला, गीता जी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। आज के समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
संदीप शर्मा:* (लोकप्रिय विधायक, कोटा दक्षिण – तृतीय बार),डॉ. एस एस अग्रवाल:* फाउंडर जयपुर हॉस्पिटल, जयपुर (RSS राजस्थान प्रांत प्रभारी) प्रेम भाटिया:(सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं एम.डी., मारुति कंपनी) अरुण भार्गव: (देशभक्त समाजसेवी एवं पूर्व अध्यक्ष, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति) यज्ञदत्त हाडा:(समाजसेवी एवं महंत गायत्री कौशिक आश्रम, बोरखेड़ा),अशोक शर्मा: ( मैनेजर गीता भवन, रामपुरा, कोटा )मातृशक्ति और कार्यकर्ताओं का सम्मान
विश्राम दिवस के अवसर पर ‘वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र’ द्वारा समाज की सक्रिय महिलाओं को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, पिछले सात दिनों से निस्वार्थ भाव से जुटे कार्यकर्ताओं का भी मंच से आभार व्यक्त किया गया। गायत्री कौशिक आश्रम के सहयोग और सहभागिता की भी सराहना की गई।
नशामुक्ति और संस्कारों का संकल्प
दीदी श्रीजी ने अपने विदाई संदेश में नशामुक्ति, जहरमुक्त खेती और नई पीढ़ी को सनातन संस्कार देने का आह्वान किया। उन्होंने उज्जैन की धरा से कोटावासियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सात्विक जीवन ही वास्तविक ईश्वर भक्ति है।
मीडिया प्रकोष्ठ -यह जानकारी महेंद्र सिंह ( विरांगना कन्या संस्कार केंद्र ) के द्वारा प्राप्त हुई।






