नई दिल्ली/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) 2025 का उद्घाटन किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कार्यक्रम में देरी के लिए माफ़ी मांगी, क्योंकि 10वीं और 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं और कार्यक्रम में जाने के दौरान उनके सुरक्षा संबंधी उपायों के कारण छात्रों को असुविधा हो सकती थी। श्री मोदी ने कहा कि राजा भोज की धरती पर निवेशकों और व्यापार जगत के दिग्गजों का स्वागत करना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम महत्वपूर्ण था, क्योंकि विकसित भारत की यात्रा में विकसित मध्य प्रदेश की आवश्यकता है। उन्होंने शिखर सम्मेलन के शानदार आयोजन के लिए मध्य प्रदेश सरकार को बधाई दी।
मोदी ने कहा, “पूरी दुनिया भारत को लेकर आशावादी है।” उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक हों या नीति विशेषज्ञ या संस्थाएं या दुनिया के देश, सभी को भारत से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ हफ्तों में भारत के बारे में जो टिप्पणियां मिली हैं, उनसे निवेशकों का उत्साहवर्धन होगा। विश्व बैंक द्वारा हाल ही में दिए गए उस बयान को याद करते हुए कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ओईसीडी के एक प्रतिनिधि ने टिप्पणी में कहा, “दुनिया का भविष्य भारत में है।” उन्होंने कहा कि हाल ही में, जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के एक संगठन ने भारत को सौर ऊर्जा महाशक्ति घोषित किया है। इस संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि जहां कई देश केवल बातें करते हैं, वहीं भारत परिणाम देता है। श्री मोदी ने कहा कि एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि कैसे भारत वैश्विक एयरोस्पेस फर्मों के लिए एक उत्कृष्ट आपूर्ति श्रृंखला के रूप में उभर रहा है। ये फर्म भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों के समाधान के रूप में देखती हैं। प्रधानमंत्री ने भारत में दुनिया के विश्वास को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न उदाहरणों का हवाला दिया, जो हर भारतीय राज्य का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में आयोजित ग्लोबल समिट में यह आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई देता






