वृंदावन रास महोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का सेतु—राजेश कृष्ण बिरला
भारत सिंह चौहान✍️
डांडिया की खनक, गुजराती गरबा की थाप और श्रीकृष्ण-राधा के भक्ति गीतों की मधुर धुनों के बीच झालावाड़ रोड स्थित पाम पैसिफिक होटल एंड रिसॉर्ट में दो दिवसीय वृंदावन रास महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। सर्वप्रथम ग्रुप के तत्वावधान में पहली बार आयोजित इस महोत्सव में धर्म, संस्कृति, भक्ति और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया के माध्यम से उत्साहपूर्वक अपनी सांस्कृतिक आस्था का प्रदर्शन किया।

महोत्सव के मुख्य अतिथि राजस्थान रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने मां दुर्गा की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन रास महोत्सव जैसे आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय प्रयास हैं। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कामना की कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक सद्भाव और सामाजिक समरसता को समर्पित ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें तथा कोटा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयां प्राप्त हों।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मेहता पार्षद दीपिका दुर्गेश, पार्षद जयराज सिंह हाड़ा तथा सुमंगलम ग्रुप के निदेशक ईश्वर लाल सैनी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी ने कहा कि पाम पैसिफिक होटल एंड रिसॉर्ट में पहली बार इतने भव्य और व्यवस्थित रूप से डांडिया आयोजन होना प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में परिवारों और समाज को एकजुट करने, बच्चों को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने तथा युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव जगाने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता पंकज मेहता ने कहा कि रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में गरबा और डांडिया करते प्रतिभागियों का उत्साह मां दुर्गा के प्रति आस्था को प्रदर्शित करता है। जब नई पीढ़ी पारंपरिक वेशभूषा अपनाकर भक्ति गीतों और सांस्कृतिक नृत्य से जुड़ती है, तो भारतीय सांस्कृतिक विरासत अगली पीढ़ी तक पहुंचती है।
महोत्सव की विशेषता यह रही कि आयोजकों ने इसे पारिवारिक स्वरूप प्रदान करते हुए केवल युगल (पेयर) को ही प्रवेश दिया। दो दिनों तक प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की धुनों पर जमकर नृत्य किया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए बाउंसर तैनात किए गए तथा पुलिस का सहयोग भी सराहनीय रहा।
आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में ज्योति वर्मा और सोनिया गोयल का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन कौशल राजकिशोर, बनवारी मीणा और महिमा श्रीवास्तव ने किया। वहीं, सुवालका एंड सुवालका की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार मॉडल प्रदर्शित कर उनकी जानकारी दी गई।
पाम पैसिफिक होटल एंड रिसॉर्ट के निदेशक प्रतीक गोयल ने कहा कि वृंदावन रास महोत्सव को पारिवारिक स्वरूप में आयोजित करने का उद्देश्य शहरवासियों को मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। परमानंद गोयल ने कहा कि डांडिया रास महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखना और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। वहीं, के.के. शर्मा ‘कमल’ ने कहा कि ऐसे उत्सव विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महोत्सव के आयोजक एवं सर्वप्रथम ग्रुप के निदेशक विशाल वर्मा, वेन्यू पार्टनर पाम पैसिफिक होटल एंड रिसॉर्ट के निदेशक प्रतीक गोयल तथा सहयोगी एवं प्रायोजक होटल रीजेंटा ब्लू सहित विभिन्न संस्थाओं और प्रतिष्ठानों का आयोजन में सहयोग रहा। इनमें अनिल वर्मा, विशाल वर्मा, सुमंगलम ग्रुप के ईश्वर सैनी, ओम शिव शक्ति सोलर के सोमेश भालिया, धूलीलाल गजानंद सराफ, सुवालका मोटर्स के नीरज सुवालका, सुवालका रिसॉर्ट के युवराज सुवालका तथा लेनाया डिज़ाइनर की रक्षा वर्मा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
दो दिवसीय महोत्सव में परिवारों, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सर्वप्रथम ग्रुप के इस आयोजन ने कोटा में पारिवारिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक उत्सवधर्मिता का संदेश दिया। अंत में आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, सहयोगियों और शहरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।






