कोटा, 16 अक्टूबर। प्रगति इंटरनेशनल स्कूल, कोटा में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर डांडिया एवं गरबा महोत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों और गरबा की मधुर धुनों से विद्यालय परिसर उत्सवमय हो उठा। विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने पारंपरिक गुजराती गरबा और डांडिया की धुनों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। चनिया-चोली में सजी छात्राओं और पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहने छात्रों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों के शानदार तालमेल, आकर्षक नृत्य शैली और रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. फेमिना ने विद्यार्थियों को नवरात्रि पर्व के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आपसी सद्भाव और एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को समझने और उन्हें आत्मसात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
महोत्सव के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ नृत्य, सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक वेशभूषा तथा सर्वश्रेष्ठ डांडिया समूह जैसी विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया। डांडिया महोत्सव ने न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामूहिकता के महत्व को भी उजागर किया।
विद्यालय परिवार ने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं भारतीय संस्कारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।





