कोटा/इटावा। कोटा-इटावा स्टेट हाईवे-70 पर बदहाल सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कोलाना से गणेशगंज तक करीब 15 किलोमीटर सड़क पिछले एक साल से उखड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि करीब 15 किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटे तक का समय लग जाता है। सड़क की खराब स्थिति के चलते लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, वहीं इस मार्ग से गुजरने के दौरान लोगों के चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
15 किलोमीटर का सफर बना परेशानी
कोटा-इटावा स्टेट हाईवे-70 पर कोलाना से गणेशगंज के बीच सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। करीब एक साल से सड़क उखड़ी होने के कारण वाहन चालकों को जगह-जगह क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में कम समय में पूरा होने वाला यह सफर अब लोगों के लिए परेशानी भरा बन गया है। करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे तक लगने से यात्रियों का समय भी बर्बाद हो रहा है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए ज्यादा जोखिम
सड़क पर बने गड्ढे और उखड़ा हुआ हिस्सा दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से परेशानी पैदा कर रहे हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। वहीं, चार पहिया और अन्य वाहन चालकों को भी क्षतिग्रस्त हिस्सों से गुजरते समय गति कम करके सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
चोटिल हो रहे राहगीर, बढ़ रही परेशानी
स्थानीय आवागमन के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग पर सड़क की बदहाली लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालकों को बार-बार दिशा बदलनी पड़ती है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। मार्ग पर चलने के दौरान लोगों के चोटिल होने की बात भी सामने आ रही है। सड़क की खराब स्थिति के कारण यात्रियों को हर दिन जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।
एक साल से बदहाल सड़क, मरम्मत का इंतजार
करीब एक साल से सड़क की स्थिति खराब होने के बावजूद लोगों को राहत का इंतजार है। सड़क की मरम्मत नहीं होने से राहगीरों की परेशानी लगातार बनी हुई है। लोगों के लिए यह मार्ग अब सुविधाजनक आवागमन के बजाय परेशानी का कारण बनता जा रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और आवश्यक सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
आखिर कब जागेगा PWD?
कोटा-इटावा स्टेट हाईवे-70 पर कोलाना से गणेशगंज तक करीब 15 किलोमीटर सड़क की बदहाली कई सवाल खड़े कर रही है। जब एक छोटे से हिस्से को पार करने में एक घंटे तक का समय लग रहा है, तो सड़क की स्थिति में सुधार कब होगा? क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है या समय रहते मरम्मत कराकर लोगों को राहत दी जाएगी?
अब लोगों की नजरें सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) पर टिकी हैं। जरूरत है कि विभाग सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर मरम्मत कार्य जल्द शुरू करवाए, ताकि राहगीरों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।








