कोटा के एक रिसॉर्ट में रिवर फ्रंट से प्रभावित हो रही नदियों की सेहत को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया, इसमें राष्ट्रीय पर्यावरणविदो ने कृत्रिम निर्माण से बिगड़ी नदियों की सेहत पर चिंता जाहिर, इस दौरान पर्यावरणविद डॉक्टर नरसिम्हा रेड्डी ने बताया कि की देश में मोटी राशि खर्च करके 200 करोड़ का रिवरफ्रंट पर बनाने को लेकर योजना बना रही है, यह सब जनता से बिना समिति के हो रहा है इससे हमारे नदियों की सेहत को खतरा है, नेशनल बिल्डिंग कोर्ट के सेक्शनल कमेटी मेंबर कोटा निवासी रवि जैन ने बताया कि नदियों के किनारे पर पक्के निर्माण से नदियों के साथ जलीय जीवों व पेड़ पौधों सहित पर्यावरण को हानि हो रही है, इसके लिए सभी लोगों को जागरुक होकर प्रकृति व नदियों को बचाना होगा यहां नदियों को छूना भी आम लोगों की पोस्ट से बाहर निकल गया है, रिवर फ्रंट पर ₹200 टिकट लिया जाता है इसके अलावा अलग-अलग स्मारक के अलग-अलग टिकट लिए जाते हैं, जबकि नदियों पर सबका समान अधिकार है, देश में ऐसे निर्माण से करीब 351 नदिया प्रभावित हो रही है
देश में मोटी राशि खर्च कर करीब 200 रिवरफ्रंट बनाने को लेकर योजना बना रही है





