कोटा: राजस्थान को नशा मुक्त बनाने की मांग को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता जताई गई है। आकाश विज्ञान एवं वैदिक मंत्र अन्वेषक और मोटिवेशनल व धर्म शिक्षक, अजय कुमार (श्यामानंदी) ने राजस्थान सरकार से राज्य में बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की है।
क्या है मुख्य मांग?
अजय कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो राजस्थान की स्थिति पंजाब जैसी हो सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नशा बेचने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।
विशिष्ट क्षेत्र में समस्या:
रिपोर्ट में विशेष रूप से कोटा स्थित छोटी समाध नदी किनारे और रामपुरा बाजार का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन क्षेत्रों में रात भर नशा करने वाले लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन से अपेक्षा:
अजय कुमार ने ‘नशामुक्त राजस्थान, नशामुक्त कोटा’ का संकल्प लेते हुए मांग की है कि प्रशासन इन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाए और नशा करने वाले व बेचने वाले दोनों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके।






