भारत सिंह चौहान
कोटा, विज्ञान नगर स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का सात दिवसीय आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य ऋतुराज गौतम ने द्वारिका लीलाएं, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, श्रीशुकदेव पूजन एवं पूर्णाहुति प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सुदामा चरित्र के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का संदेश देते हुए बताया कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ईश्वर की कृपा सहज प्राप्त होती है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भक्ति रस का आनंद लिया। मुख्य यजमान भगवानदास माहेश्वरी एवं रमेश माहेश्वरी ने बताया कि कथा श्रवण के लिए अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा पश्चिमांचल के उपसभापति एवं माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेश अध्यक्ष महेश चन्द अजमेरा, नंदकिशोर काल्या, कृष्ण गोपाल जाखेटिया, प्रमोद भण्डारी, ओमप्रकाश गट्टानी सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूर्णाहुति एवं हवन के साथ कथा का विधिवत समापन हुआ। इसके पश्चात भगवानदास माहेश्वरी, रमेश माहेश्वरी, घनश्याम माहेश्वरी, सत्यनारायण माहेश्वरी, स्वप्निल माहेश्वरी एवं आशीष मंडोरा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कथा की आरती कर प्रसाद वितरण किया।
कथा उपरांत आयोजित भव्य महाआरती में भगवानदास माहेश्वरी, रमेश माहेश्वरी, सत्यनारायण माहेश्वरी, घनश्याम माहेश्वरी, स्वप्निल माहेश्वरी, रुचि माहेश्वरी, आशीष मंडोरा एवं सत्यनारायण सोमानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

















