कोटा। चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद जी की हत्या के बहुचर्चित मामले में कोटा शहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम (आईपीएस) ने बताया कि 5 जून को हुई हत्या के मामले में पहले मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय सहित दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे अन्य आरोपियों का भी पता लगा लिया गया है।
पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर उज्जैन, इंदौर, संभाजीनगर और अहिल्याबाई नगर होते हुए करीब 2000 किलोमीटर तक पीछा किया। इसके बाद महाराष्ट्र के ढौंड रेलवे स्टेशन के पास से हत्या में शामिल दो आरोपियों, एक महिला आरोपी तथा एक विधि से संघर्षरत किशोर को डिटेन किया गया। महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि किशोर को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय ने महंत देवानंद को रास्ते से हटाने के लिए आदित्य वर्मा को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। आदित्य ने अंकित बैरवा, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस और एक नाबालिग को योजना में शामिल किया। 1 जून को संतोष राय ने आरोपियों को चंद्रेसल मठ ले जाकर पूरी रेकी करवाई और महंत की दिनचर्या की जानकारी दी।
5 जून की रात आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चंद्रेसल मठ पहुंचे। उन्होंने पहले नंदनवन महाराज के कमरे की बाहर से कुंडी लगाई और फिर देवानंद महाराज के कमरे में घुसकर उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। करीब 100 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। अब तक इस मामले में एक महिला सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर हत्याकांड की साजिश की अन्य परतों को खंगाल रही है।





