कोटा।कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की छठी बैठक में सेवाओं के सरलीकरण एवं आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक प्राधिकरण के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में ऑनलाइन नामांतरण प्रक्रिया को और अधिक सरल करते हुए यह निर्णय लिया गया कि अब आवेदकों से उनके आवास अथवा भूखंड के फोटोग्राफ नहीं लिए जाएंगे। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
प्राधिकरण की आगामी नवीन योजनाओं में लॉटरी आवंटन से पूर्व मौके पर भूखंडों का डिमार्केशन किए जाने तथा प्रस्तावित भूमि पर किसी प्रकार के न्यायालयीन स्थगन (कोर्ट स्टे) अथवा अतिक्रमण नहीं होने की सुनिश्चितता करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे आवंटियों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में निर्माण अवधि शास्ति की दरों को राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत निर्माण अवधि शास्ति की दरें 0.25 प्रतिशत, 0.50 प्रतिशत एवं 0.75 प्रतिशत प्रति वर्ष निर्धारित की गई हैं।
इसके अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं में लंबे समय से खाली पड़े भूखंडों के कारण उत्पन्न जलभराव, गंदगी एवं कचरे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित भूखंडधारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। ऐसे भूखंडधारियों को प्राधिकरण द्वारा 15 दिवस का नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके अंतर्गत उन्हें अपने भूखंड की साफ-सफाई एवं समतलीकरण कर प्राधिकरण को सूचित करना होगा। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर आवंटन निरस्त किया जा सकेगा।
आवंटियों को आ रही व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि लीज डीड जारी करते समय ही निर्माण स्वीकृति एवं कब्जा पत्र भी जारी किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी, सचिव मुकेश कुमार चौधरी, उपायुक्त मालविका त्यागी एवं हर्षित वर्मा, नियोजन सलाहकार संदीप दंडवते, निदेशक वित्त डॉ. नीतू सिंह, निदेशक अभियांत्रिकी रविन्द्र माथुर, निदेशक विधि राजीव गर्ग, निदेशक नियोजन भूपेश मालव, राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल, अधीक्षण अभियंता सागर मीना, अजय शर्मा, सुमित चित्तौड़ा, आयुक्त नगर निगम कोटा, उप आवासन आयुक्त आवासन मंडल सहित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, रीको, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम आदि विभागों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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