Monday, October 19, 2026
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विरासत और आधुनिकता का संगम होगा कोटा का 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला, अगले 15 दिन मनोरंजन से सराबोर रहेगा शहर

 विरासत और आधुनिकता का संगम होगा कोटा का 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला, अगले 15 दिन मनोरंजन से सराबोर रहेगा शहर

105 फीट ऊंचे रावण का 20 अक्टूबर को होगा दहन, मीका सिंह-जस्सी गिल समेत कई नामचीन कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, जलपरी, ड्रोन शो और लेजर शो होंगे मुख्य आकर्षण; मेले की वेबसाइट पर मिलेगी हर अपडेट कोटा। कोटा का 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 इस बार गौरवशाली परंपराओं और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम के रूप में नजर आएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आयोजित मेले में आमजन के मनोरंजन, सांस्कृतिक विरासत और व्यापारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई नवाचार किए गए हैं। 20 अक्टूबर को 105 फीट ऊंचे रावण के दहन के साथ मेले के प्रमुख आयोजन होंगे, जबकि 22 अक्टूबर से विजयश्री रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की नियमित श्रृंखला शुरू होगी। मेला 5 नवंबर को भव्य आतिशबाजी के साथ संपन्न होगा।

नगर निगम कार्यालय में सोमवार को महापौर अनुसुईया गोस्वामी, उपमहापौर विवेक राजवंशी और नगर निगम आयुक्त एवं मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने पत्रकारों को मेले की तैयारियों, कार्यक्रमों और इस वर्ष किए गए नवाचारों की जानकारी दी।

 20 अक्टूबर को होगा 105 फीट ऊंचे रावण का दहनमहापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का प्रमुख आकर्षण रावण दहन कार्यक्रम 20 अक्टूबर को आयोजित होगा। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति धारीवाल, संदीप शर्मा और कल्पना देवी सहित अन्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे।

उपमहापौर विवेक राजवंशी ने बताया कि इस वर्ष रावण का स्वरूप पूर्व की परंपरा के अनुरूप रखा गया है। रावण की ऊंचाई 105 फीट होगी। रावण और उसके परिवार के पुतलों की वेशभूषा तथा दहन के दौरान होने वाली आतिशबाजी को पहले से अधिक आकर्षक बनाया गया है। रावण दहन से पहले राजस्थानी संस्कृति पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रसिद्ध कलाकार मधु भाट प्रस्तुति देंगी। इसके लिए विजयश्री रंगमंच के पास अलग मंच तैयार किया गया है।

रामायण गैलरी में दिखेंगे प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंग

इस वर्ष मेले में रामायण गैलरी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। नगर निगम भवन की चारदीवारी के सहारे तैयार की जा रही गैलरी में प्रभु श्रीराम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के प्रमुख प्रसंगों को भव्य रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। डॉल्फिन पार्क की ओर से प्रवेश करने पर सड़क के मध्य में महर्षि वाल्मीकि को रामायण की रचना करते हुए दर्शाया जाएगा।

मेले के विभिन्न पोल पर रामायण के पात्रों से संबंधित नियोन साइन लगाए गए हैं। इनमें प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान के चित्र नजर आएंगे। विभिन्न प्रवेश द्वारों और बाजारों को भी रामायण के पात्रों से जोड़कर नाम दिए गए हैं।

 पहली बार म्यूजिकल फाउंटेन और जलपरी का आकर्षण

दशहरा मैदान के वेस्ट जोन में इस बार पहली बार म्यूजिकल फाउंटेन लगाया गया है। लगभग 100 फीट चौड़े और 40 फीट ऊंचे इस फाउंटेन में बदलती रोशनी के साथ पानी की धाराएं दर्शकों को आकर्षित करेंगी। इसी क्षेत्र में जलपरी का आकर्षण भी रहेगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से शुरू किए गए लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन भी इस वर्ष किया जाएगा। लेजर शो 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा, जबकि 3 नवंबर को ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर आसमान में विभिन्न आकृतियां बनाएंगे।

22 अक्टूबर से शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

नगर निगम आयुक्त एवं मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि विजयश्री रंगमंच पर 22 अक्टूबर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। अगले 15 दिनों तक देशभक्ति, भजन, हास्य, कवि सम्मेलन, लोक संस्कृति और संगीत के विभिन्न रंग देखने को मिलेंगे।

प्रमुख कार्यक्रमों का कैलेंडर

22 अक्टूबर सिंधी कार्यक्रम, प्रसिद्ध गायक रॉकस्टार नील की प्रस्तुति और कुकिंग प्रतियोगिता।

 

23 अक्टूबर: पर्यटन विभाग का कार्यक्रम

24 अक्टूबर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकर की देशभक्ति प्रस्तुतियां और मलखंभ प्रदर्शन।

25 अक्टूबर तृप्ति शाक्य की भजन संध्या।

26 अक्टूबर: लाइक माइन्डेड ग्रुप, कोटा की ओर से ‘एक शाम पुराने गीतों के नाम’ कार्यक्रम।

27 अक्टूबर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन। इसमें सत्यनारायण सत्तन, जगदीश सोलंकी, शशिकांत यादव, अंजुम रहबर, कविता तिवारी, चेतन चर्चित, विनीत चौहान, विष्णु सक्सेना और सुंदर कटारिया शामिल होंगे। इसी दिन रंगोली, मांडना, मेहंदी और साफा-पाग प्रतियोगिताएं भी होंगी।

28 अक्टूबर कॉमेडियन विकल्प मेहता और सिद्धार्थ सागर का लाफ्टर शो तथा बेस्ट ब्राइडल मेकअप प्रतियोगिता।

29 अक्टूबर राजस्थान कवि सम्मेलन और पहली बार आयोजित होने वाला वाद्य यंत्र आधारित ‘सुर-ताल कचहरी’ कार्यक्रम।

30 अक्टूबर बालिका वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-1 और लेजर शो की शुरुआत।

31 अक्टूबर भोजपुरी कार्यक्रम, जिसमें गोलू राजा और नेहा सिंह प्रस्तुति देंगे।

1 नवंबर मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा का कार्यक्रम, स्थानीय प्रतिभाओं का सिंगिंग कार्यक्रम और कुश्ती दंगल।

2 नवंबर बालक वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-2 और कुश्ती दंगल।

3 नवंबर पंजाबी नाइट में जस्सी गिल और बब्बल राय की प्रस्तुति, साथ ही ड्रोन शो और गतका प्रदर्शन।

 

4 नवंबर: सिने संध्या में प्रसिद्ध गायक मीका सिंह की प्रस्तुति।

5 नवंबर:भव्य आतिशबाजी के साथ मेले का समापन।

इन कार्यक्रमों के अतिरिक्त स्थानीय प्रतिभाओं, पारंपरिक कलाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।

कुश्ती दंगल से लेकर साफा-पाग प्रतियोगिता तक

मेले में पारंपरिक खेलों और लोक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए 1 और 2 नवंबर को कुश्ती दंगल आयोजित होगा। इसमें प्रदेशभर से आए पहलवान अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। 24 अक्टूबर को मलखंभ प्रदर्शन, 27 अक्टूबर को विभिन्न प्रतियोगिताएं और 3 नवंबर को गतका प्रदर्शन होगा।

‘सुर-ताल कचहरी’ कार्यक्रम में विभिन्न वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी के साथ राजस्थानी शैली का गायन भी देखने को मिलेगा। यह आयोजन 29 अक्टूबर को विजयश्री रंगमंच पर होगा।

रावण दहन स्थल में बदलाव, नए प्रवेश द्वार भी खुलेंगे

इस वर्ष रावण परिवार के पुतलों का दहन विजयश्री रंगमंच के सामने निर्धारित नए स्थान पर किया जाएगा। पुतलों को मंच के सामने के डी एरिया से लगभग 40 फीट आगे स्थापित किया जाएगा, ताकि मंच पर होने वाले कार्यक्रमों में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आमजन की सुविधा और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किशोरपुरा थाने के सामने नल-नील द्वार तथा किशोरपुरा स्थित नीलकंठ द्वार के पास नया प्रवेश द्वार खोला गया है। इस ओर आने वाले लोगों की सुविधा के लिए झूले और खानपान की दुकानें भी आवंटित की गई हैं।

वेबसाइट पर मिलेंगे कार्यक्रमों के अपडेट

मेले के कार्यक्रमों का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इस बार मेले की विशेष वेबसाइट भी शुरू की गई है, जिसके माध्यम से कार्यक्रमों, आयोजनों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। मेले की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रतिदिन एसएमएस भेजे जा रहे हैं और सोशल मीडिया प्रचार के लिए इन्फ्लुएंसर्स को भी जोड़ा गया है।

इसके अतिरिक्त दशहरा मैदान में विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इससे विजयश्री रंगमंच से दूर मौजूद दर्शक और व्यापारी भी कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। इस व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।

सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

मेला परिसर में रंग-रोगन, मैदान के सुदृढ़ीकरण, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और टूट-फूट की मरम्मत के कार्य किए गए हैं। मेले के दौरान नियमित सफाई के साथ प्रतिदिन फॉगिंग भी करवाई जाएगी।

सुरक्षा के लिए इस वर्ष भी मेले का बीमा कराया गया है। झूला संचालकों से अलग से बीमा करवाया गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा मिल सके। परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। राजस्थान पुलिस की विशेष ड्रोन यूनिट भी ऊंचाई से मेले की गतिविधियों पर नजर रखेगी।

आठ स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था

मेले में आने वाले लोगों के लिए दशहरा मैदान की ओर आने वाली सड़कों के आसपास आठ स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। निर्धारित पार्किंग शुल्क इस प्रकार रहेगा:

साइकिल: 5 रुपये।

मोटरसाइकिल:पहले चार घंटे के लिए 20 रुपये, इसके बाद प्रत्येक घंटे के लिए 10 रुपये अतिरिक्त।

-चार पहिया वाहन पहले चार घंटे के लिए 50 रुपये, इसके बाद प्रत्येक घंटे के लिए 20 रुपये अतिरिक्त।

पार्किंग स्थलों पर शुल्क दरों और हेल्पलाइन नंबरों को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाएगा। यदि कोई संवेदक निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करता है या दुर्व्यवहार करता है, तो आमजन हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत कर सकेंगे।

निर्धारित पार्किंग स्थल

1. धार के अखाड़े के पास।

2. किशोरपुरा रोड पर वाहन स्टैंड।

3. ईदगाह के सामने।

4. आशापाला कॉलोनी के बीच का स्थल।

5. पशु मेला फेज-2 में पुलिस कंट्रोल रूम के पास।

6. पशु मेला फेज-2 में केडीए के सामने।

7. बकरामंडी स्थल, भूखंड संख्या-1।

8. बकरामंडी स्थल, भूखंड संख्या-2।

व्यापारियों की सुविधाओं का भी रखा जाएगा ध्यान

नगर निगम प्रशासन के अनुसार मेले में आने वाले व्यापारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। नए प्रवेश द्वारों के माध्यम से मेले के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की आवाजाही बढ़ाने का प्रयास किया गया है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में कारोबार को भी लाभ मिल सके।

कुल मिलाकर, कोटा का 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला इस बार धार्मिक आस्था, राजस्थानी संस्कृति, मनोरंजन, पारंपरिक खेलों और आधुनिक तकनीक के मेल के रूप में आमजन के लिए खास रहने वाला है। रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, ड्रोन शो, लेजर शो और नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियां मेले को नई पहचान देने के साथ अगले 15 दिनों तक शहरवासियों और बाहर से आने वाले दर्शकों के मनोरंजन का केंद्र बनेंगी।

 

 

 

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