कोटा में इस बार गरबा और डांडिया उत्सव में कुछ ऐसा देखने को मिल रहा है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां गरबा पंडाल में इंसानों के साथ एक हाईटेक रोबोट भी डांडिया करता नजर आएगा। खास बात यह है कि यह रोबोट सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करेगा, बल्कि बच्चों को रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक की दुनिया से भी रूबरू कराएगा।
दरअसल, कोटा की क्रिएक्ट अकादमी की ओर से इस रोबोट को गरबा पंडाल में बुलाया गया है। इसके पीछे उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को नई तकनीक के प्रति जागरूक करना है। खासकर उन बच्चों को रोबोटिक्स के बारे में जानने और समझने का मौका देना है, जिनकी रुचि तकनीकी शिक्षा में है।
क्रिएक्ट अकादमी के डायरेक्टर अंशज जायसवाल ने बताया कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का है। ऐसे में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीक का व्यावहारिक अनुभव देना भी जरूरी है। इसी सोच के साथ इस रोबोट को गरबा उत्सव में लाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि इस रोबोट के जरिए बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि रोबोट किस तरह काम करता है और उसके भीतर मोटर्स, माइक्रोकंट्रोलर और सेंसर जैसी तकनीकों की क्या भूमिका होती है। अकादमी में बच्चों को इन्हीं तकनीकों के आधार पर छोटे-छोटे रोबोट और मॉडल तैयार करना भी सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि कोटा को शिक्षा की काशी के रूप में जाना जाता है। यहां देशभर से विद्यार्थी IIT और JEE की तैयारी करने आते हैं। अब शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान के साथ-साथ कोटा को रोबोटिक्स और आधुनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से गरबा पंडाल में रोबोट को डांडिया करवाने की अनूठी पहल की गई है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को नई तकनीक से जोड़ने के साथ उनमें रोबोटिक्स के प्रति रुचि और जिज्ञासा बढ़ाई जा सके।
अंशज जायसवाल के मुताबिक, कोटा में गरबा और डांडिया जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक एकत्रित होते हैं। ऐसे में यह नई तकनीक से परिचित कराने का बेहतर माध्यम है। उनका मानना है कि जब आधुनिक टेक्नोलॉजी को हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जाता है, तो बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और भी बढ़ती है।
यानी कोटा के गरबा पंडाल में इस बार डांडिया की खनक के साथ रोबोटिक्स की तकनीक भी लोगों को आकर्षित करेगी। यह पहल मनोरंजन के साथ बच्चों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।






