Sunday, October 18, 2026
as jewellers
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

पूरी दुनिया में सभी रावण के पुतले में 9 सर दिखते है लेकिन दसवां मुकुट में गधे के रूप में दिखता है

रावण के पुतले में 9 सर दिखते है लेकिन दसवां मुकुट में गधे के रूप में दिखता है

समाजसेवी  डॉ दुर्गा शंकर सैनी

रावण के पुतले में मुख्य सर और 8 सर कुल 9 दिखते है दसवां सर गधे के मुखौटे के रूप में मुख्य सर पर प्रतीकात्मक दिखता है

पौराणिक मान्यताओं और लोक परंपरा के अनुसार, रावण के दस सिरों में से एक सिर गधे का दिखाया जाता है, जो अहंकार, मूर्खता और बुरी प्रवृत्तियों का प्रतीक है।

• ज्ञान का प्रतीक: दस सिर चार वेदों और छह शास्त्रों (दर्शनों) के संपूर्ण ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते थे।

• दसों अवगुण या प्रवृत्तियाँ: आध्यात्मिक रूप से ये दस सिर मनुष्य के दस दुर्गुणों—

•काम (वासना),

•क्रोध (गुस्सा),

•लोभ (लालच),

•मोह (भ्रम),

•मद (अभिमान),

•मात्सर्या/ईर्ष्या,

•बुद्धि

•मन

•चित्त और

•अहंकार के प्रतीक माने जाते हैं।

मुख्य कारण और प्रतीक:

• अहंकार और मूर्खता का प्रतीक: रावण वेदों का ज्ञाता और महापंडित था, लेकिन उसका अत्यधिक अहंकार उसकी बुद्धि पर भारी पड़ गया। गधे को मूर्खता और जिद का प्रतीक माना जाता है। यह इस बात की निशानी है कि कितना भी बड़ा ज्ञानी क्यों न हो, यदि वह अहंकार और विकारों के वश में है, तो उसकी बुद्धि मूर्खता के समान हो जाती है।

एक सिर गधे का होना इन नकारात्मक और विवेकहीन प्रवृत्तियों को उजागर करता है।

गधे से संबंध: पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण के रथ को घोड़े नहीं बल्कि गधे खींचते थे, और लोक कला या मूर्तिकला में कई जगहों पर उसके स्वभाव को दर्शाने के लिए उसके सिर पर गधे का चेहरा या मुकुट बनाया जाता है।

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles