कोटा।शनिवार को कमल नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद अब शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को इस मामले को लेकर व्यापारियों ने कोटा नमकीन विकास समिति के बैनर तले नयापुरा स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इससे पहले जिला कलेक्टर और कोटा रेंज आईजी को भी ज्ञापन दिया गया।
समिति के सदस्यों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि शहर में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो जानबूझकर नमकीन कंपनियों के पैकेट खोलकर उनमें आपत्तिजनक सामग्री मिला देता है। इसके बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है, जिससे कंपनियों की छवि खराब होती है और बाद में उनसे पैसे की मांग की जाती है।
क्या है पूरा मामला
महिला वकील सीमा वैष्णव ने बताया कि उन्होंने शनिवार को कमल नमकीन का एक पैकेट खरीदा था, जिसमें हड्डी निकली। उन्होंने इसकी जानकारी दुकानदार को दी, जिसके बाद दुकानदार ने कंपनी मालिक से संपर्क किया। कंपनी की ओर से माफी भी मांगी गई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उद्योग नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को नोटिस भिजवाया।
सीमा वैष्णव का कहना है कि यदि यह सामग्री किसी छोटे बच्चे के हाथ लग जाती, तो धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती थीं। इसलिए बड़े कारखानों को साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
व्यापारियों का पलटवार
मंगलवार को जब कंपनी को नोटिस मिला, तो नाराज व्यापारियों ने जिला कलेक्टर, आईजी और सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर कंपनी और स्थानीय उद्योग की छवि खराब की जा रही है।
कोटा नमकीन विकास समिति के अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी घटनाओं से स्थानीय नमकीन उद्योग की साख को नुकसान पहुंच रहा है। झूठे और भ्रामक वीडियो फैलाकर कई कंपनियों को बदनाम किया जा रहा है।
कंपनी मालिक का आरोप
कमल नमकीन के मालिक महेश अरोड़ा ने कहा कि कुछ लोग उनके पैकेट खोलकर उनमें गलत चीजें मिलाते हैं और फिर वीडियो वायरल करते हैं। इसके जरिए कंपनी पर दबाव बनाकर हर्जाने की मांग की जाती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्थानीय उद्योग को बदनाम होने से बचाया जा सके।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
समिति ने सीएमएचओ और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।



